ज्ञान/तटस्थता को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में ज्ञान उतना रखना चाहिए जिसमें तटस्थता कायम रखना परम आवश्यक है। Reply
जब तक लहरें ऊपर नीचे होती रहेंगे उसमें स्पष्ट दिखाई नहीं देगा ऐसे ही तटस्थता होने पर ही ज्ञान प्राप्त होता है। Reply
तटस्थता यानी तट पर (नदी के) स्थित जैसे तट पानी कम ज्यादा होने पर स्थिर रहता है ऐसे ही जब हमारा स्वभाव तटस्थता हो जाता है तब ज्ञान बढ़ता है/ इस प्रोपोर्शन में ज्ञान बढ़ता है। Reply
5 Responses
ज्ञान/तटस्थता को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में ज्ञान उतना रखना चाहिए जिसमें तटस्थता कायम रखना परम आवश्यक है।
‘ज्ञान तटस्थता के अनुपात में आता है।’ Is line ka meaning explain karenge, please ?
जब तक लहरें ऊपर नीचे होती रहेंगे उसमें स्पष्ट दिखाई नहीं देगा ऐसे ही तटस्थता होने पर ही ज्ञान प्राप्त होता है।
तटस्थता यानी तट पर (नदी के) स्थित जैसे तट पानी कम ज्यादा होने पर स्थिर रहता है ऐसे ही जब हमारा स्वभाव तटस्थता हो जाता है तब ज्ञान बढ़ता है/ इस प्रोपोर्शन में ज्ञान बढ़ता है।
Okay.