श्रद्धा पुनरावृत्ति पर Depend करती है। पर शाश्वतता पीछे छुप जाती है जैसे बार-बार कहना –> ये ही सत्य है – ये ही सत्य है।
मनुष्य या कृतियाँ सत्व नहीं, उसके पीछे आत्मा सत्व है जैसे रंग सत्व नहीं, उसके पीछे कलाकार के भाव सत्व हैं।
ब्र. डॉ. नीलेश भैया
Share this on...
One Response
तत्वार्थ सिद्धांत सम्यगदर्शनम को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है ।
One Response
तत्वार्थ सिद्धांत सम्यगदर्शनम को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है ।