दान
दान अपने से बड़ों को….
- जिससे उनकी पूज्यता बढ़े।
- ख़ुद पूज्य बनने को।
पुण्यहीनों को सहयोग।
व्यवहार में तो दान शब्द बहुत जगहों पर प्रयोग कर लेते हैं जैसे पानदान आदि में।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
दान अपने से बड़ों को….
पुण्यहीनों को सहयोग।
व्यवहार में तो दान शब्द बहुत जगहों पर प्रयोग कर लेते हैं जैसे पानदान आदि में।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी