दुर्जन
दुर्जन, जिसको अवगुण ही दिखायी दें/ उनकी Publicity करे, गुणों पर दृष्टि ही न जाये।
महादुर्जन जो गुणों को भी अवगुण मानकर फैलाये।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
दुर्जन, जिसको अवगुण ही दिखायी दें/ उनकी Publicity करे, गुणों पर दृष्टि ही न जाये।
महादुर्जन जो गुणों को भी अवगुण मानकर फैलाये।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
One Response
दुर्जन को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जिसमें अवगुण दिखाई देता है उसे दुर्जन कहना उचित नहीं होगा एवं उसका प़चार करना भी उचित नहीं है। अतः जीवन के कल्याण के लिए उस अवगुण वाले में अच्छाई ढूढने का प़यास करना परम आवश्यक है।