निंदा / मान
निंदा सुनने/सुनाने में मान को सुकून मिलता है ।
गुरुवर मुनि श्री क्षमासागर जी
निंदा सुनने/सुनाने में मान को सुकून मिलता है ।
गुरुवर मुनि श्री क्षमासागर जी
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One Response
जीवन में जो लोग निंदा करते हैं वह अपना कल्याण नहीं कर सकते हैं लेकिन जो लोग सुन लेते हैं वही लोग अपना कल्याण कर सकता है।इसके अतिरिक्त जो मान सुनकर फूल जाते हैं वह कमजोर होते हैं और अपना कल्याण कभी नहीं कर सकते हैं।अतः जीवन में जो लोग निंदा सुन लेते हैं और मान में सुकून नही करते हैं वही लोग अपना कल्याण मे समर्थ होते हैं।