नि:शल्यो व्रती….
इसमें अणुव्रती/ महाव्रती दोनों आ जाएँगे। मोक्ष का भाव रखने वाले के शल्य समाप्त हो जाती है।
जैनेतर व्रत ले सकते हैं पर शल्य रहित होना मुश्किल।
मुनि श्री प्रणम्यसागर जी
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नि:शल्यो व़ती को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।
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नि:शल्यो व़ती को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।