पुण्य तिथि

साधु संतों की बरसी को पुण्य तिथि कहना ठीक है ।
पर साधारण व्यक्ति के साधारण मरण को वैराग्य या पुण्यवर्धक तिथि कहना चाहिेए ।

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4 Responses

  1. यह कथन बिलकुल सत्य है… साधु संतों के लिए पुण्य तिथि बरसी के लिए लिखना उचित है, जबकि साधारण व्यक्ति के मरण के लिए पुण्यवर्धक तिथि लिखना उचित है ।

    1. साधारण मरण के समय वैराग्य भाव रखना चाहिए / पुण्य क्रियाऐं करें,
      तब वह मरण की तिथि वैराग्य / पुण्यवर्धक तिथि कहलायेगी ।

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