सेवा में थे तब पूरी पगार, सेवा-निवृत होने पर आधी।
आज (81 साल के होने पर) पूछते हैं… कैसे हो ?
सेहत/ हालात पेंशन वाले* हैं, पर काम/ खर्चा सेवा के समय जैसा चल रहा है।
चिंतन
* 50% वाले
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4 Responses
पेंशन का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है।पेंशन का प्रावधान शासकीय सेवा में नियमित रहता है। जीवन में शासकीय सेवा में जो पगार मिलती है, उसमें जीवन यापन चलता रहता है, अतः उसी प्रकार शासकीय सेवा से निवृत्त होकर पेंशन में पगार मिलती है,उसी में जीवन यापन चलता रहता है। इससे मनुष्य का जीवन सुचारू रूप से चलता रहता है।
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पेंशन का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है।पेंशन का प्रावधान शासकीय सेवा में नियमित रहता है। जीवन में शासकीय सेवा में जो पगार मिलती है, उसमें जीवन यापन चलता रहता है, अतः उसी प्रकार शासकीय सेवा से निवृत्त होकर पेंशन में पगार मिलती है,उसी में जीवन यापन चलता रहता है। इससे मनुष्य का जीवन सुचारू रूप से चलता रहता है।
‘सेहत/ हालात पेंशन वाले* हैं’ ; Is line ka kya meaning hai, please ?
स्टरिक मार्क लगा के 50% लिखा है यानी सेहत पहले से 50% रह गई, हालात… निधि कहना नहीं मानती, पहले तो बहुत मानती थी, आजकल 50% मानती है
Okay.