फटना
दूध जितना फटता है (दूध से दही, मक्खन, घी आदि) उतनी कीमत बढ़ती है।
हम जितना फटते हैं उतनी कीमत घटती है।
मुनि श्री विनम्रसागर जी
दूध जितना फटता है (दूध से दही, मक्खन, घी आदि) उतनी कीमत बढ़ती है।
हम जितना फटते हैं उतनी कीमत घटती है।
मुनि श्री विनम्रसागर जी
One Response
फटना का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए मनुष्यों को फटने का कार्य करना नही चाहिए।