माँ / पिता
“माँ” कहने पर मुँह खुल जाता है/ माँ के सामने ही मुँह खुलता है।
स्वतंत्रता संग्राम में मुँह खोलने की पहल करने वालों के नाम भी “म” से शुरू थे, महावीर सिंह, मोहन सिंह, मंगल पांडे आदि।
“पिता” कहते ही मुँह बंद हो जाता है।
माँ और पिता यही तो सिखाते हैं…मुँह कब बंद रखना और कब खोलना।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन – 29 जुलाई)




One Response
माँ/पिता का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है।यह भी सच है कि माँ के सामने अपनी बात Cbse।,जबमें समर्थ होते है, जबकि पिता के समक्ष अपना मुहं बन्द रखना पडता है। अतः यह कथन सत्य है कि माँ एवं पिता ने ही यह सब सिखाया है।