शोधन
भोजन में बाल आदि आने पर उसे निकाल कर बाहर फेंक देते हैं।
कटु वचन/घटना को ?
उसे तो सर पर बैठा लेते हैं, वह भी हमेशा-हमेशा के लिये;
जबकि गुरु तक को भी चौकी पर बैठाते हैं।
मन-वेदी पर परमात्मा को विराजमान करना चाहिये या पर-आत्मा को ?
आर्यिका श्री अर्हम्श्री माताजी




One Response
शोधन का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए शोधन करना परम आवश्यक है, लेकिन विचलित नहीं होना चाहिए बल्कि समता का भाव रखना चाहिए। अतः जीवन में अपनी आत्मा का हित करना परम आवश्यक है।