सीख
मेडिकल विद्यार्थियों को शरीर रचना सिखाते समय डॉक्टर ने मुर्दे की नाक में उंगली डाली और चूसने लगा।
पहली सीख – घृणा नहीं करना। तुम सब ऐसा ही करो। सबने उंगली डाली और चूसने लगे, सबको उल्टियाँ होने लगीं।
दूसरी सीख – नज़र टिकाये रखो (वरना ऑपरेशन बिगड़ जायेगा)। तुम्हारी नज़र टिकी नहीं थी, मैंने एक नाक में उंगली डाली थी और चूसी दूसरी थी।




4 Responses
सीख का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। जीवन के कल्याण के लिए सीख के लिए अपना मस्तिक को केन्द्रित रखना चाहिए ताकि गलत न हो सके। आवशक सीख होना परम आवश्यक है।
नज़र टिकाये rakhne ka dharm me kya relevance hai ? Ise clarify karenge, please ?
जीव रक्षा कैसे करोगे जब नजर टिकी नहीं रहेगी
Okay.