सीमा के बाहर की उपलब्धि दुःखदायी बन जाती है।
जैसे सर्दियों में ऊँचे पहाड़ पर चढ़ते समय गर्म कपड़े।
अति सफाई के लिये बार-बार झाडू टूट कर गंदगी पैदा करती है।
सीमा से अधिक मिठाई खाना।
ब्र. डॉ. नीलेश भैया
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2 Responses
सीमा का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए किसी भी कार्य के लिए सीमा निर्धारित करना परम आवश्यक है। अतः सीमा निर्धारित से अधिक कार्य करना जीवन को कष्टमय हो जावेगा।
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सीमा का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए किसी भी कार्य के लिए सीमा निर्धारित करना परम आवश्यक है। अतः सीमा निर्धारित से अधिक कार्य करना जीवन को कष्टमय हो जावेगा।
Isliye kaha jaata hai ki “Excess of everything is bad”.