Month: February 2025

ज्ञान / दर्शन

पुराने ज्ञान से नये दर्शन होते हैं। फिर नये दर्शन से नया ज्ञान/ सम्यग्ज्ञान। ब्र. (डॉ.) निलेश भैया

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आत्मा / शरीर

हम मकान क्यों/ कब छोड़ते हैं ? Contract की अवधि पूरी होने पर। समय पूरा होने से पहले मकान जीर्ण-शीर्ण हो जाये। आत्मा भी शरीर

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स्त्री पर्याय का बंध

स्त्री पर्याय के बंधने के (मायाचारी के अलावा अन्य) क्या कारण होते हैं ? डॉ वंदना जैन 2) अति संधानता*। 3) चारों अनंतानुबंधी की प्रकृतियां।

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जीना

जीना उसी का नाम है, जिन्होंने जीना (सीढ़ी) बना दिया (मोक्षमार्ग) जैसे आचार्य श्री विद्यासागर जी ने। आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी

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तीर्थंकर

तीन परिस्थितओं में तीर्थंकर जन्म लेते हैं…. 1) आचरण का विनाश हो रहा हो। 2) मिथ्यादृष्टिओं की लक्ष्मी और ख्याति बढ़ रही हो। 3) जैन

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अध्यात्म

कर्म के उदय को स्वीकार करना ही अध्यात्मविद्या है। आचार्य श्री विद्यासागर जी (मुनि श्री अक्षयसागर जी)

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वेद बंध

वेद बंध…. स्त्री वेद → स्त्रियों से बहुत आकर्षित पुरुष को। स्त्रियाँ अपनी पर्याय को बहुत महत्व देती हों, शृंगार में बहुत रुचि। पुरुष वेद

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धर्म

धर्म 2 प्रकार का – व्यक्ति सापेक्ष → सब अपने-अपने भावों को परिष्कृत करते हैं। वस्तु सापेक्ष → वस्तु का स्वभाव ही धर्म है। निर्यापक

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आयुबंध

आयुबंध गुणस्थान के अनुसार बंधती है। ना कि अंतिम समय के क्षणिक परिणाम के अनुसार। जैसे चौथे गुणस्थानवर्ती को देवआयु ही, चाहे अंत समय के

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अपनी पहचान

एक समृद्ध गुरुकुल खुला। जो भी पढ़ने आता उससे एक ही प्रश्न किया जाता – “तुम कौन हो ?” बच्चे नाम बताते। योग्य नहीं हो।

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मंगल आशीष

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February 13, 2025

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