Month: June 2025

जघन्य अवगाहना

अपर्याप्तक निगोदिया जीव के शरीर की अवगाहना पहले समय में आयताकार, दूसरे में घनाकार और तीसरे समय में गोल हो जाती है, यही किसी भी

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असाढ़ माह के प्रभाव

आषाढ़ के माह में (जो आजकल चल रहा है) नमी बहुत होती है, त्वचा के रोमों से वायु के साथ* नमी अंदर भी चली जाती

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देवों की गति

देव अगले भव में अग्नि और वायुकायिक जीवों में जन्म नहीं लेते। कारण ? अग्नि और वायुकायिक जीवों में विक्रिया करने की शक्ति होती है

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पापी भी सुखी ?

साइकिल पैडल मारने पर चलती है। लेकिन ढलान पर बिना पैडल मारे भी! क्योंकि पहले काफी पैडल मारकर अच्छी गति प्राप्त कर ली थी। ढलान

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मोहनीय

मोहनीय कर्म दो प्रकार का होता है: 1) श्रद्धा-रूप/दर्शन-मोहनीय- विपरीत धारणा वाला, जैसे यह मान लेना कि भोगों में ही सुख है। 2) प्रवृत्ति-रूप/चारित्र-मोहनीय। कर्म

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वैराग्य

कहा है कि संसार को देखकर वैराग्य होता है पर हमको हो क्यों नहीं रहा ? क्योंकि हम संसार में रूप देखते हैं जिससे राग

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पूज्य / अपूज्य

पूज्य कौन ? सचरित्र वाला यानी परिग्रह त्यागी या परिग्रह छोड़ने की तैयारी वाला। अपूज्य कौन ? असचरित्र वाला, भगवान की पूजा करते समय भी

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फटना

दूध जितना फटता है (दूध से दही, मक्खन, घी आदि) उतनी कीमत बढ़ती है। हम जितना फटते हैं उतनी कीमत घटती है। मुनि श्री विनम्रसागर

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गंधोदक

पंचकल्याणक आयोजन में जन्माभिषेक के गंधोदक को मुनि और आर्यिका ग्रहण नहीं करते हैं। भगवान के जन्मोपरांत सुमेरु पर्वत पर किये गये अभिषेक के गंधोदक

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पाप

पाँच प्रकार के पापों का फल उत्तरोत्तर अधिक-अधिक है- हिंसा से ज्यादा झूठ का क्योंकि इसमें हिंसा भी आ जाती है। ऐसे ही चोरी, कुशील,

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मंगल आशीष

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June 25, 2025