Month: September 2025
ज्ञान / चारित्र
सन 1977 में आचार्य श्री विद्यासागर जी का का स्वास्थ्य अच्छा नहीं था। पं. सहजानंद जी स्वाध्याय करा रहे थे। पेज नं. 77 पर आये
थिंकिंग
मैच्योर/ पॉजिटिव थिंकिंग किस अवस्था में ? मुनि अवस्था में। रियलिस्टिक थिंकिंग किस उम्र में ? ओल्ड/ वृद्धावस्था में। ऐसा व्यक्ति वृद्धाश्रम जाते समय भी
आभामंडलों का प्रभाव
यदि कोई सकारात्मक आभामंडल वाला नकारात्मक आभामंडल वाले के संपर्क में आए तो प्रभाव कैसा होगा? स्ट्रांग आभामंडल वाला कमज़ोर को प्रभावित करेगा। सकारात्मक आभामंडल
लोरी
संसारी माँ बच्चों को लोरी सुलाने के लिये सुनाती है। धर्म-माँ* बड़ों को जगाने के लिये। निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी *जिनवाणी (धार्मिक ग्रंथ)/ गुरु-वाणी।
क्वार माह में सावधानी
इस वर्तमान ऋतु में पित्त का प्रकोप बहुत होता है। उससे बचने के लिए खटाई (किसी भी तरह की चाहे वह नींबू की हो या
दर्शन
भगवान की मूर्ति में आँखों से तो पत्थर के ही दर्शन होते हैं, भगवान के तो ज्ञान से होते हैं। समवसरण में भी आँखों से
आभामंडल
हर जीवित और अजीवित वस्तु का अपना-अपना आभामंडल होता है (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक/ इलेक्ट्रोडायनेमिक)। यही अनुभव कराता है व्यक्तियों के साथ सकारात्मक/ नकारात्मक फीलिंग। इसमें कर्मसिद्धांत/ विज्ञान
आदर्श
खाओ-पीओ, चखो मत; देखो-भालो, तको मत; हँसो-बोलो, बको मत; खेलो-कूदो, थको मत। मुनि श्री मंगलानन्दसागर जी
Works
1) Urgent and Important……………. Do it. 2) Not Urgent but Important………..Delay. 3) Urgent but not Important…………Delegate. 4) Not Urgent and Not Important….Delete. मुनि श्री सौम्य
चेतना
श्री पुरुषार्थ सिद्धि उपाय (गाथा-1) के अनुसार –> कर्म चेतना – रागादि रूप परिणमन कराती है। कर्म फल चेतना – सुख दुःख का अनुभव कराती
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