Month: September 2025
उत्तम आकिंचन्य / शिक्षा दिवस
यदि हम हल्के नहीं हो रहे, इसका मतलब हमने कुछ अंदर पहना है/ अपनाकर रखा है। कर्ण इंद्रिय की सार्थकता… कटु शब्द सुनने के बाद
उत्तम आकिंचन्य धर्म
“कुछ भी मेरा नहीं” होने के भाव को ही आकिंचन्य कहते हैं। हल्का होना ऊपर उठना सिखाता है, बाह्य तथा अंतरंग धारणाओं से भी। एक
उत्तम त्याग
जिनशासन बहुमत से नहीं चलता, आदिनाथ भगवान अकेले थे 4000 मुनि राग के वशीभूत हो त्याग के मार्ग पर निकले थे, वे विपक्ष में थे।
उत्तम त्याग धर्म
राग धूप है तथा त्याग छाँव। त्याग तो अवश्यम्भावी है,स्ववश किया तो आनंद परवश किया तो छटपटाहट। आचार्य ज्ञान सागर बताते थे… जो त्याग परवश
उत्तम तप
तप का फल ना मिले तो उसे कोई तपस्वी नहीं मानता। यही तो भर्तृहरि ने मुनी शुभचंद्र जी से पूछा था कि मैंने 12 साल
उत्तम तप धर्म
कर्मों को क्षय करने के लिए जो किया जाए उसे तप कहते हैं। गृहस्थों के लिए आजकल एक बड़ा तप है… सुबह जल्दी उठना। निशाचर
उत्तम संयम
भवन में कचरा तो होता है। यदि उसे साइड में कर दिया तो साफ दिखाई देता है लेकिन बाहर ही हवा लगते ही फिर वह
उत्तम संयम धर्म
फिटकरी का केमिकल फार्मूला,K2SO4.AI2(SO4)3.24H2O है। इतना कठिन सूत्र कितने सालों के बाद याद कैसे रहा ? लिखने लिखते ही आता है लिखने का हुनर, बच्चे
उत्तम सत्य
उपगूहन और स्थितिकरण के बिना सत्य के दर्शन नहीं हो सकते। क्रोध के अभाव में क्षमा प्रकट होती है, मान के अभाव में मार्दव, मायाचारी
उत्तम सत्य धर्म
क्रोध, लोभ, भय और हँसी को त्यागने तथा शास्त्र के अनुसार वचन बोलने पर ही सत्य कहा जा सकता है। आचार्य श्री विद्यासागर जी कहा
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