Month: September 2025
आभामंडल में भव
भगवान के आभामंडल में सात भव दिखाई देते हैं, तीन भूतकाल के और तीन भविष्य के। यदि उसी भव से कोई मोक्ष जा रहा हो
आत्मा / अनात्मा
प्राय: दूसरों से अधिक से अधिक सुख लेना चाहते हैं। जैसे मिठाई मेरी थाली में है पर Common में से पहले और ज्यादा से ज्यादा
प्रॉब्लम कंप्रोमाइज
प्रॉब्लम कंप्रोमाइज क्यों नहीं हो रही ? कारण ? एनालाइज नहीं किया, यदि एनालाइज किया भी था तो रियलाइज़ नहीं किया होगा। अगला कदम एक्सरसाइज,
बहकावे/वास्तविकता
हम बहकावे और वास्तविकता के बीच जीते हैं। बच्चों को भूत का डर, महाराज जी गुस्सा करेंगे, चुप हो जा कह कर मिथ्यात्व (गृहीत)/अवर्णवाद (गुरु)
सोलह कारण भावना
सोलह कारण भावना में सिद्ध-भक्ति को क्यों नहीं लिया गया ? सोलह कारण भावना तीर्थंकर प्रकृति बंध के लिए कारण है। उसकी दृष्टि लोककल्याण पर
उपयोग
मेहमान ने 8 पूड़ी खाने के बाद बोला – बस! अब रहने दो, 8 पूड़ी हो गयीं। मेजबान – वैसे तो 12 हो गयीं पर
शुभ में अशुभ भाव
ध्यान आदि शुभ काम करते समय अशुभ भाव क्यों आते हैं और उनको दूर कैसे किया जा सकता है ? पूरा समय मीठा खाने के
तप / उपसर्ग
तप का उतना महत्व नहीं जितना उपसर्ग-विजय का । भरत चक्रवर्ती के अंतर्मुहूर्त में केवलज्ञान का इतना महत्व नहीं जितना पार्श्वनाथ भगवान का, इसीलिये पार्श्वनाथ
दर्शन / ज्ञान
आचार्य श्री विद्यासागर जी कहते थे… दर्शन और ज्ञान को फोटोग्राफी में निगेटिव और पॉज़िटिव respectively से समझा जा सकता है। मुनि श्री सौम्य सागर
संकलन
आचार्य श्री विद्यासागर जी कहते थे… बांध-बांध कर क्यों रखना ! जब ख़ुद को बंध कर जाना ही है। अर्थी पर भी, कर्मों से भी
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