Month: October 2025

सर्वोत्तम

जब बुद्धि को विश्राम देते हैं तो सर्वोत्तम निकलता है क्योंकि आत्मज्ञान Takeover कर लेता है। चाहे संगीत हो या परमार्थ। भगवान जब श्रेणी माढ़ते

Read More »

वात-दोष

पंखा और एयर कंडीशनर को अधिक प्रयोग करने वालों के वात-दोष अधिक होता है। जिससे शरीर के किसी भी अंग में दर्द शुरू हो जाते

Read More »

अहिंसा

शुद्धि के लिए जाते समय मुनिराज कागज की पुड़िया में बेसन ले जाते थे। 2013 में आचार्य श्री विद्यासागर जी ने कहा… कागज भी क्यों

Read More »

शुद्धता

बर्तनों को शुद्ध, राख से करते हैं। आत्मा को गुरु/ भगवान की “चरण-रज” से। भगवान की “चरण-रज” कैसे मिले ? भगवान के गंधोदक से (स्नान

Read More »

हिंसानंदी

हिंसानंदी रौद्रध्यान यानी हिंसा में आनंद लेना। पर इसका उल्टा भी हिंसानंद होगा –> “आनंद के लिये हिंसा करना जैसे शिकार।” चिंतन

Read More »

नीति

व्यक्तिगत नीति तुम्हारे लिए/ तुम्हारे जीवन में तो काम आ सकती है/ घरवालों पर भी काम नहीं करती। नीति तो वह जो पूर्व से चली

Read More »

लिपि

भगवान वृषभनाथ ने अपनी बेटी ब्राह्मी को लिपि देवनागरी(विद्या) सिखाई थी, भाषा नहीं। दुर्भाग्य आज हम हिंदी को भी रोमन लिपि में लिख रहे हैं,

Read More »

पुरुषार्थ

प्राय: लोग कहते हैं –> हम पुरुषार्थ नहीं कर सकते हैं। पर हम भूल जाते हैं कि मनुष्य गति, अच्छा कुल आदि पाने के लिये

Read More »

Multi-tasking

Multi-tasking तो सिर्फ़ केवलज्ञानियों की हो सकती है। सामान्य व्यक्ति में तो संभव ही नहीं क्योंकि उपयोग एक समय में एक ही टास्क पर लगता

Read More »

मंगल आशीष

Archives

Archives
Recent Comments

October 16, 2025