Day: December 16, 2025
साता/असाता
December 16, 2025
शुद्ध निश्चय नय से कर्म, कर्म में है, “मैं अपने में” ऐसा ज्ञानी सोचता है। तब उसे सुख-दु:ख में हर्ष-विषाद नहीं होता है। इस प्रकार
शरीर / आत्मा
December 16, 2025
क्या हम ऐसी जगह को छोड़ना नहीं चाहेंगे जहाँ सड़न/ बदबू आना शुरु हो रही हो? यदि हाँ तो आत्मा मरते हुये शरीर को क्यों
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