Month: February 2026
अविरति
1. अविरती के दो प्रकार का असंयम… i. प्राणी असंयम → षटकाय जीवों की रक्षा के भाव न होना। ii. इंद्रिय असंयम → मन +
मन
आचार्य श्री विद्यासागर जी सुनाते थे… क्या हो गया समझ में, मुझको न आता, क्यों बार-बार मन बाहर दौड़ जाता। स्वाध्याय ध्यान करके मन रोध
आदान-निक्षेपण
आदान-निक्षेपण = ग्रहण-छोड़ना। आदान-निक्षेपण समिति से पाप कियाओं से पापास्रव की जगह पुण्यास्रव हो जाता है। मुनि श्री प्रणम्यसागर जी (तत्त्वार्थ सूत्र)
पुरुषार्थ
आचार्य श्री विद्यासागर जी के पास एक किसान ने आकर प्रार्थना की पानी बरसाने का मंत्र दे दो। आचार्य श्री –> ज़मीन तैयार करो, पुरुषार्थ
स्वभाव
कहा है –> गुरु-उपदेश से वैराग्य होने पर रस बेरस लगने लगते हैं। तो क्या मिष्टान्न का मीठापन समाप्त हो जाता है? लालमणी भैया नहीं,
भगवान से सम्बंध
यदि भगवान से एकत्व स्थापित कर लिया तो वे कभी विभक्त नहीं होने देंगे। निर्यापक मुनि श्री वीरसागर जी
पूजन / विहार
50 लोग पूजन कर रहे हों या 50 मुनि विहार में चल रहे हों, प्रभावना किसमें ज़्यादा ? विहार में। कारण ? जैविक परमेष्ठि का
दान
जैसलमेर में अकाल पड़ा। सेठ जयचंद्र जैन ने हजारों क्विंटल अनाज, घी, तेल, धनादि राजा मानसिंह के कोष में दान दिया। अकाल समाप्त होने पर
नामकर्म प्रकृतियाँ
93 नामकर्म प्रकृतियों में से 13 अरहंत भगवान की 63 प्रकृतियों के क्षय के साथ समाप्त हो जाती हैं, बाकी 14 गुणस्थान में, ऐसा क्यों
मूल्य
संसार की सबसे कम मूल्यवान वस्तु क्या ? “मैं स्वयं” कैसे ? अपने को दीनहीन दिखाते नहीं, पर मानते हैं। छोटे-छोटे मूल्य की वस्तुओं जैसे
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