Day: August 9, 2026
गुप्ति
August 9, 2026
वचन गुप्ति – प्रवृत्यात्मक… भाषा को हित, मित, प्रिय (समिति-पूर्वक बोलना) निवृत्यात्मक… मौन (न झूठ, न सच)। मनोगुप्ति… आर्तध्यान में नहीं लगना। मुनि श्री प्रणम्यसागर
अस्तित्व
August 9, 2026
दीवारों ने छत से कहा…तुम हम पर ही टिकी हो। छत ने कहा… तुम्हारी सुरक्षा मुझसे ही है। फर्श चुप ना रह सका बोला… मेरे
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