नकल
किसी की नकल करना आत्महत्या है।अपनी आत्मा की हत्या ही तो है!
हर व्यक्ति के अपने-अपने मौलिक गुण होते हैं,उनकी हत्या ही तो होगी!
मुनि श्री प्रणम्यसागर जी (जिज्ञासा समाधान – 19/322)
किसी की नकल करना आत्महत्या है।अपनी आत्मा की हत्या ही तो है!
हर व्यक्ति के अपने-अपने मौलिक गुण होते हैं,उनकी हत्या ही तो होगी!
मुनि श्री प्रणम्यसागर जी (जिज्ञासा समाधान – 19/322)
One Response
नकल का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए नकल अच्छे कार्यो की करना परम आवश्यक है।