Day: May 7, 2026

रागद्वेष

रागद्वेष में वासना आ जाती है, जो संसार बढ़ाने में निमित्त है। लेकिन रागद्वेष की एक समय की पर्याय वासना का रूप नहीं लेती। क्षु.

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दीन / शुद्ध

अपने को दीन मानना जैसे हीरे को काँच मानना। शुद्ध मानना जैसे खदान में पड़े हीरे को तराशा हुआ हीरा मानना। चिंतन

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मंगल आशीष

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May 7, 2026