GOD
“G” से Generator,
“O” से Operator,
“D” से Destroyer,
अपने लिये मैं खुद तीनों हूँ।
मुनि श्री मंगलसागर जी
“G” से Generator,
“O” से Operator,
“D” से Destroyer,
अपने लिये मैं खुद तीनों हूँ।
मुनि श्री मंगलसागर जी
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One Response
मुनि के मंगलसागर महाराज जी ने गोड का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए गोड यानी भगवान् पर श्रद्धा रखना परम आवश्यक है।