अर्थी उठने पर ही, (जीवन का) अर्थ (निस्सारता) समझ आता है।
जिसकी अर्थी उठी, वह तो समझ नहीं पाया/ पाएगा, उठाने वाले तो समझें !
चिंतन
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2 Responses
अर्थी को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः अर्थी ले जाने वालों को समझना आवश्यक है कि जीवन में मनुष्यों को वैराग्य के भाव आना परम आवश्यक है, ताकि आत्मा का कल्याण करना परम आवश्यक है।
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अर्थी को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः अर्थी ले जाने वालों को समझना आवश्यक है कि जीवन में मनुष्यों को वैराग्य के भाव आना परम आवश्यक है, ताकि आत्मा का कल्याण करना परम आवश्यक है।
Very true!