ज्ञान को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए इतना ज्ञान आवश्यक है कि आत्मा को जानने से सम्यगदर्शन हो सकें। Reply
दूध तो दूध है, ग्रहण करने वाला बर्तन (यहाँ पर मेरी आत्मा, ज्ञान की अपेक्षा) साफ़ है तो दूध सही रहेगा, गंदा है तो दूध फट जाएगा, दूध मिथ्या हो जाएगा। Reply
5 Responses
ज्ञान को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए इतना ज्ञान आवश्यक है कि आत्मा को जानने से सम्यगदर्शन हो सकें।
Wonderful post !
Yahan par ‘माध्यम’ ka meaning clarify karenge, please ?
दूध तो दूध है, ग्रहण करने वाला बर्तन (यहाँ पर मेरी आत्मा, ज्ञान की अपेक्षा) साफ़ है तो दूध सही रहेगा, गंदा है तो दूध फट जाएगा, दूध मिथ्या हो जाएगा।
Okay.