अपने को दीन मानना जैसे हीरे को काँच मानना।
शुद्ध मानना जैसे ख़दान में पड़े हीरे को तराशा हुआ हीरा मानना।
चिंतन
Share this on...
One Response
दीन/शुद्ध को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में दीन बनने से बचना चाहिए एवं अपने को शुद्ध बनने के लिए जीवन तरासकर पवित्र बनने का प़यास करना आवश्यक है।
One Response
दीन/शुद्ध को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में दीन बनने से बचना चाहिए एवं अपने को शुद्ध बनने के लिए जीवन तरासकर पवित्र बनने का प़यास करना आवश्यक है।