धनवान
आचार्य मानतुंग के अनुसार धनवान वह जो अपने धन का उपयोग धनहीनों को धन, पुण्यवानों को आहार दानादि, बराबर वालों को सहयोग प्रदान करता हो।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
आचार्य मानतुंग के अनुसार धनवान वह जो अपने धन का उपयोग धनहीनों को धन, पुण्यवानों को आहार दानादि, बराबर वालों को सहयोग प्रदान करता हो।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
One Response
धनवान को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए धनवान को उदारता पूर्वक दान करना परम आवश्यक है।