हमारे दो तरह के कर्म होते हैं, एक अनुजीवी दूसरे प्रतिजीवी, अनुजीवी जो आत्मा से संबंध रखते हैं जैसे चार घातिया कर्म और प्रतिजीवी जो शरीर संबंधी हैं। Reply
6 Responses
अनुजीवी को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।
‘अनुजीवी’ aur ‘प्रतिजीवी’ kahan use kiya jaata hai ? Ise clarify karenge, please ?
हमारे दो तरह के कर्म होते हैं, एक अनुजीवी दूसरे प्रतिजीवी, अनुजीवी जो आत्मा से संबंध रखते हैं जैसे चार घातिया कर्म और प्रतिजीवी जो शरीर संबंधी हैं।
‘शरीर-संबंधी (प्रतिजीवी) कर्म’ ka example denge, please ?
148 कर्म प्रकृतियों में से 93 कर्म प्रकृतियाँ प्रतिजीवी हैं जैसे नाम कर्म की शरीर, अंगोपांग।
Okay.