इनके तो नाम में ही इनकी महानता छिपी है… “मैं ना सुन्दरी” !!
मुनि श्री मंगलानन्द सागर जी
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मैनासुन्दरी का जीवन चरित्र पढ़ना आवश्यक है, ताकि अपना जीवन भी उस राह पर चलने का प़यास करना आवश्यक है।मैनासुन्दरी के कारण श्री सिद्ध चक़ विधान की प़सद्भि हुईं थीं एवं आज भी विधान करना परम आवश्यक है।
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मैनासुन्दरी का जीवन चरित्र पढ़ना आवश्यक है, ताकि अपना जीवन भी उस राह पर चलने का प़यास करना आवश्यक है।मैनासुन्दरी के कारण श्री सिद्ध चक़ विधान की प़सद्भि हुईं थीं एवं आज भी विधान करना परम आवश्यक है।