जिसको विकल्पों में रस नहीं, उसे रसों का विकल्प नहीं।
आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी
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7 Responses
विकल्प को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु जब विकल्प सोचनें पर रस लेना परम आवश्यक है। जीवन में विकल्प पर रस नहीं है तो उसको सोचने का विचार छोड़ना आवश्यक है।
लालमणि भैया का एक सूत्र था ना बुजुर्गों के लिए नौन मौन कौन। तो जो नौन से खाने को तैयार है उसे खाने पीने का विकल्प क्या होगा, कुछ भी दे दो। जिसको यह स्थिति आ गई उसे रसों में क्या विकल्प आएगा, कोई भी रस नहीं हो तो भी चलेगा।
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विकल्प को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु जब विकल्प सोचनें पर रस लेना परम आवश्यक है। जीवन में विकल्प पर रस नहीं है तो उसको सोचने का विचार छोड़ना आवश्यक है।
Is post ka meaning clarify karenge, please ?
लालमणि भैया का एक सूत्र था ना बुजुर्गों के लिए नौन मौन कौन। तो जो नौन से खाने को तैयार है उसे खाने पीने का विकल्प क्या होगा, कुछ भी दे दो। जिसको यह स्थिति आ गई उसे रसों में क्या विकल्प आएगा, कोई भी रस नहीं हो तो भी चलेगा।
‘नॉन’ ka meaning clarify karenge, please ?
टाइपिंग मिस्टेक, नौन है।
‘नौन’ ka meaning clarify karenge, please ?
Salt