अखंड -पाठ को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः अखंड -पाठ अथवा अन्य विधान करने के लिए मन्दिर में रखना परम आवश्यक है, क्योंकि शुद्बि रहती है। Reply
One Response
अखंड -पाठ को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः अखंड -पाठ अथवा अन्य विधान करने के लिए मन्दिर में रखना परम आवश्यक है, क्योंकि शुद्बि रहती है।