उपयोग में एक समय में एक ही ज्ञान रहता है इसमें तो कोई शंका नहीं ! बाकी ज्ञान कैपेबिलिटी/ कैपेसिटी के रूप में उनके लब्धि रूप अंदर रहते हैं। केवलज्ञान तो एक ही ज्ञान है बाकी सब ज्ञान होते ही नहीं, लब्धि का प्रश्न नहीं रहता। Reply
4 Responses
उपयोग /लब्धि को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।
Can meaning of this post be clarified, please ?
उपयोग में एक समय में एक ही ज्ञान रहता है इसमें तो कोई शंका नहीं ! बाकी ज्ञान कैपेबिलिटी/ कैपेसिटी के रूप में उनके लब्धि रूप अंदर रहते हैं। केवलज्ञान तो एक ही ज्ञान है बाकी सब ज्ञान होते ही नहीं, लब्धि का प्रश्न नहीं रहता।
Okay. Wonderful post and clarification !