उपयोग
क्षयोपशम का सम्यक् उपयोग सम्यग्दर्शन/ज्ञान को क्षायिक सम्यग्दर्शन/ज्ञान तक ले जाता है।
मुनि श्री मंगलसागर जी
मिथ्या उपयोग (जैसे हर समय T.V. आदि देखना) एकेंद्रिय बनाता है। क्योंकि आपने इंद्रियों तथा मन का दुरुपयोग किया सो अगले जन्म में आपको नहीं मिलेंगे
स्व. श्री रतनलाल बैनाडा
(जैसे पिता के धन का दुरुपयोग करने पर वह दुबारा धन नहीं देता)



