मुनि श्री क्षमासागर महाराज जी ने खेल का विस्तृत उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में श्रावकों को भी पक्षियों को विस्मय विमुग्ध की तरह जीना परम आवश्यक है। अतः जीवन में अपने में विमुग्ध होना चाहिए। Reply
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मुनि श्री क्षमासागर महाराज जी ने खेल का विस्तृत उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में श्रावकों को भी पक्षियों को विस्मय विमुग्ध की तरह जीना परम आवश्यक है। अतः जीवन में अपने में विमुग्ध होना चाहिए।