निस्पृहता
आचार्य श्री विद्यासागर जी को बताया –> आप सुबह 3-4 बजे से लेकर रात तक इतनी मेहनत करते हैं, एक ग्लास दूध ले लिया करिये, हम भी मेहनत करने के बाद एक ग्लास दूध लेते हैं।
आ. श्री –> मैं भी लेता हूँ। तुम एक “ग्लास” लेते हो, मैं अनेक “क्लास” लेता हूँ।
आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी



