शेर का बच्चा गीदड़ों के साथ रहकर भी सुखी रहता है, शेरों के पास भी सुखी।
तो फ़र्क क्या हुआ?
गीदड़ों के पास भयभीत रहता था, अपने स्वरूप के विपरीत, मिथ्यादृष्टि।
शेरों के साथ निर्भय, स्वस्वरूप में, सम्यग्दृष्टि।
चिंतन
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भय/अभय का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु निर्भय एवं अपने स्वरुप में रहना परम आवश्यक है।
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भय/अभय का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु निर्भय एवं अपने स्वरुप में रहना परम आवश्यक है।
Bahut hi accha chintan hai !