यंत्र/मंत्र/तंत्र
सृष्टि इन तीनों से ही चलती है। यंत्र, मंत्र हमको मजबूत करते हैं, जंगली पौधे जैसे मुसीबतें झेलता हुआ बढ़ता रहता है।
तंत्र (साधन) कमज़ोर/पराधीन करता है, A. C. का पौधा है, धीरे-धीरे सूखता है।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
सृष्टि इन तीनों से ही चलती है। यंत्र, मंत्र हमको मजबूत करते हैं, जंगली पौधे जैसे मुसीबतें झेलता हुआ बढ़ता रहता है।
तंत्र (साधन) कमज़ोर/पराधीन करता है, A. C. का पौधा है, धीरे-धीरे सूखता है।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
One Response
यंत्र/मंत्र/तंत्र का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु यंत्र,मंत्र का उपयोग करना परम आवश्यक है। इसके अतिरिक्त तंत्र के उपयोग से बचना परम आवश्यक है।