जिनवाणी को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए जिनवाणी पर श्रद्बान रखना परम आवश्यक है। Reply
जिनवाणी तो अनैकांतिक है ना, व्यवहार नय/ निश्चय नय लेकिन उसके माध्यम से एक दफ़ा सम्यग्दर्शन/ ज्ञान हो गया तो ज्ञान तो प्रमाणिक होगा कि नहीं ! Reply
4 Responses
जिनवाणी को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए जिनवाणी पर श्रद्बान रखना परम आवश्यक है।
‘प्रमाण रूप प्राप्त’ karne ka meaning explain karenge, please ?
जिनवाणी तो अनैकांतिक है ना, व्यवहार नय/ निश्चय नय लेकिन उसके माध्यम से एक दफ़ा सम्यग्दर्शन/ ज्ञान हो गया तो ज्ञान तो प्रमाणिक होगा कि नहीं !
Okay.