जीवनोद्देश्य… जिनादेश* पालन।
अनुपदेश…..अन्य का उपदेश नहीं।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
* भगवान का आदेश।
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आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी ने जीवन का उद्देश्य को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए जीवन का उद्देश्य यानी जिनादेश का होना परम आवश्यक है, इसके अलावा कोई उद्भेश नहीं होना चाहिए। उद्देश्य के पालन के लिए भगवान् के उपदेश का पालन करना परम आवश्यकता है।
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आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी ने जीवन का उद्देश्य को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए जीवन का उद्देश्य यानी जिनादेश का होना परम आवश्यक है, इसके अलावा कोई उद्भेश नहीं होना चाहिए। उद्देश्य के पालन के लिए भगवान् के उपदेश का पालन करना परम आवश्यकता है।