तीर्थंकर / पुरुष

भूतकालीन चौबीसी में 3 नाम स्त्रीयों जैसे लगते हैं जैसे “भानुमति”, पर यहां पर “मति” से बुद्धि का तात्पर्य है – भानु* जैसी बुद्धि ।

मुनि श्री सुधासागर जी

* सूर्य

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2) जैनेन्द्र सिद्धांत कोशानुसार ….
कृष्णमति, ज्ञानमति, शुद्धमति

(कमल कांत)

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6 Responses

  1. जीवन में पुरुष ही निर्ग्रन्थ मुनि होकर मोक्ष मार्ग पर चलकर तीर्थंकर बनने की पात्रता रखता है।
    अतः मुनि श्री सुधासागर महाराज जी का कथन सत्य है कि भूतकाल में कुछ स्त्रियों जैसे नाम लगते हैं जैसे भानुमती का नाम बताया गया है, लेकिन यहां पर मति का मतलब बुद्धि है जिसकी भानु जैसी बुद्धि है। अतः स्पष्ट है कि वह नाम स्त्री का नहीं था।

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