धनवान

एक बार बिलग्रेट्स से पूछा – क्या आपसे भी ज्यादा धनवान कोई है ?
बिलगेट्स – हाँ, एक अखबार बेचने वाला मुझसे भी ज्यादा धनवान है ।
कैसे ?
शुरु शुरु में एक बार अखबार खरीदने के लिए मेरे पास खुल्ले पैसे नहीं थे ।
उसने दोनों बार मुझे मुफ्त में अखबार दे दिया था ।
अब मैं उसे कुछ भी देने गया तो उसका ज़बाब था – आपकी सहायता मेरी सहायता की बराबरी नहीं कर सकती है । मैैंने गरीबी में सहायता की थी, आप अमीरी में करना चाहते हो ।

Moral – सहायता के लिये धनवान होने का इंतज़ार मत करो

(शशी)

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6 Responses

  1. धनवान तो दूनिया में बहुत होते हैं, लेकिन उसके लिए जीवन में उदारता होना परम आवश्यक है।
    अतः उपरोक्त कथन सत्य है कि जिसके जीवन में उदारता होगी वही धनवान कहलाने का अधिकार होगा।

  2. दान की महानता दान दिए धन से बहुत अधिक है. ???? माता पिता की परवरिश पैसे से बहुत अधिक है ?

    1. सही,
      दान की importance भावों से है ।
      2) माता पिता की परवरिश दान में नहीं आती है । पैसे व दान से incomparable है ।

  3. Ah, ???? माता पिता की परवरिश मोह के साथ है तो दान नहीं है । अगर कोई अनजाना व्यक्ति कोई असहाय बच्चे को ले कर पाले तो क्या वह दान की कोटि में आएगा ?

    1. 1) माता पिता की परवरिश 99% मोह के साथ ही होती है ।
      2) अनजान के द्वारा असहाय बच्चे को पालना करुणा-दान में आयेगा बश़र्ते इसके पीछे कोई स्वार्थ न छिपा हो जैसे इससे मेरा वंश चलेगा या बुढ़ापे में ये मेरी सेवा करेगा आदि ।

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