पाना
सिर्फ़ चाहने से पाया नहीं जाता,
पाने की चाह छोड़ने से पाया जाता है/उस राह पर चलने से पाया जाता है ।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
सिर्फ़ चाहने से पाया नहीं जाता,
पाने की चाह छोड़ने से पाया जाता है/उस राह पर चलने से पाया जाता है ।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
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3 Responses
यह कथन सत्य है कि सिर्फ चाहने से पाया नहीं जाता है लेकिन पाने की चाह छोड़ने से ही पाया जाता है लेकिन उस राह पर चलने से ही पाया जाता हैं ।
अतः जीवन में पाने की इच्छा नहीं करना चाहिए बल्कि उस राह पर चलने से प्राप्त किया जा सकता है।
Yahan par kaunsi “Raah” ki baat ho rahi hai?
जिस राह पर चीजें चंद्रयान की तरह छूटती जाती हैं ।