पाप
पाप भी दो रूप –>
- विनाश रूप।
- विकास रूप/ समाज की मान्यता प्राप्त।
जैसे कानून के तहत फाँसी, सूकर शेर को मारकर ५वें स्वर्ग गया, उपगूहन-अंग के लिए सेठ का झूठ बोलना, अब्रह्म को व्रत का रूप (स्वदार-संतोष) दिया; लक्ष्मण ने रावण को नहीं पाप को मारा, रावण ने पाप को शरण दी, इसलिए वह मारा गया।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी




4 Responses
पाप का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। आत्मा के कल्याण हेतु पापों से बचना परम आवश्यक है।
1) 2nd point ke neeche jo examples diye, wo ‘विकास रूप’ hain na ?
2) सूकर ne muni-rakhsha hetu शेर ko maara tha na ?
3) ‘अब्रह्म’ ka kya meaning hai ?
Yeh 3 points clarify karenge, please ?
1), 2) हाँ।
3) ब्रह्मचर्य नहीं।
Okay.