पुदगल / आत्मा / परमात्मा

तीनों को प्रत्यक्ष उदाहरण से समझाइए ?
प्रश्नकर्ता की पिटाई चालू कर दी ।
वह चिल्लाने लगा – प्रभु! बचाओ-बचाओ ।
जो पिट रहा था वह पुदगल था,
जिसे दर्द महसूस हो रहा था वह आत्मा
और
जिसको पुकारा वह परमात्मा ।

आचार्य श्री वसुनंदी जी

Share this on...

One Response

  1. पुदगल का मतलब जो पूरण और गलन स्वभाव वाला होता है, इसके दो भेद हैं स्कंध और परमाणु।
    आत्मा का मतलब जिसमें यथासंभव ज्ञान दर्शन सुख आदि परिणाम होता है।
    परमात्मा का तात्पर्य सर्व दोषों से रहित शुद्ध आत्मा,इनको अर्हंत भगवान् और सिद्ध भगवान् कहते हैं। अतः उक्त परिभाषाओं से उपरोक्त कथन सत्य है कि जो तीनों को प़त्यक्ष उदाहरण से समझाया गया है। जो पिट रहा था वह पुदगल था, जिसको अनुभव हो रहा था वह आत्मा है, और जिसे पुकारा वह परमात्मा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This question is for testing whether you are a human visitor and to prevent automated spam submissions. *Captcha loading...

Archives

Archives
Recent Comments

February 16, 2021

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31