मोह/राग को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए मोह का त्याग करना परम आवश्यकता है। इससे राग भी समाप्त हो सकता है। Reply
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मोह/राग को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए मोह का त्याग करना परम आवश्यकता है। इससे राग भी समाप्त हो सकता है।
Is post ko thoda aur explain karenge, please ?
मोह और राग दोनों एक दूसरे के प्रेरक हैं/ कारण हैं।
Okay.