कीमत

60 लाख की कार की कीमत जब 60 रुपये वाली खिलौना कार के बराबर मानोगे, तभी Enjoy कर पाओगे, वरना उसकी सीट से प्लास्टिक कवर उतार नहीं पाओगे।
हर वह चीज़ जो खरीदी जा सके, खिलौना ही तो है, कोई 60 लाख का कोई 60 रुपये का।

(अरविंद)

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One Response

  1. उपरोक्त कथन सत्य है कि वस्तुओं की कीमत अलग अलग हो सकतीं हैं, लेकिन वस्तुएं टिकाऊ नहीं रहतीं हैं, क्योंकि यह सब नश्वर है। अतः जीवन में धर्म का आश्रय लेना चाहिए ताकि जीवन का कल्याण हो सकता है। धर्म की कीमत नहीं होती है, लेकिन जीवन में अगले भव में काम आता है।

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