जिनको लगता है कि उनके फैसले रब करेगा,
वे बैठे हैं कि अब करेगा-अब करेगा।
(ब्र. डॉ. नीलेश भैया)
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पुरुषार्थहीन को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु किसी का कोई लक्ष्य होता है उसके लिए पुरुषार्थ करना परम आवश्यकता है।पुरुषार्थहीन वालों का जीवन बर्बाद हो जाता है।
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पुरुषार्थहीन को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु किसी का कोई लक्ष्य होता है उसके लिए पुरुषार्थ करना परम आवश्यकता है।पुरुषार्थहीन वालों का जीवन बर्बाद हो जाता है।