मन
उच्छृंखल घोड़े को साध दिया जाय तो बिना लगाम खींचे अपने घर को वापस आ जाता है।
ऐसा ही मन है।
क्षु.श्री जिनेन्द्र वर्णी जी
उच्छृंखल घोड़े को साध दिया जाय तो बिना लगाम खींचे अपने घर को वापस आ जाता है।
ऐसा ही मन है।
क्षु.श्री जिनेन्द्र वर्णी जी
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One Response
मन का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए मन को नियंत्रित करना परम आवश्यक है।